IAF का लापता AN-32 विमान में थे पायलट आशीष तंवर, और उन की पत्नी संध्या ने करवाया था टेकऑफ…

सोमवार को जब पायलट आशीष तंवर ने असम के जोरहाट से भारतीय वायु सेना का मालवाहक विमान  (IAF AN-32 aircraft ) में उड़ान भरी थी तो उकी पत्नी संध्या ने ही इनके विमान को टेकऑफ कराया था। 


गुवाहाटी

असम के जोरहाट से अरुणाचल प्रदेश के लिए उड़ान भरने के बाद से भारतीय वायुसेना का जो मालवाहक एएन-32 विमान लापता है, उसके चालक दल में शामिल सह पायलट आशीष तंवर जो  हरियाणा के पलवल के रहने वाले हैं। उनकी पत्नी संध्या तंवर भी जोरहट में ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल में कार्यरत हैं।

सोमवार को जब आशीष तंवर ने असम के जोरहाट से उड़ान भरी थी तो उस समय उनकी पत्नी संध्या  जोरहाट में ड्यूटी पर थीं। उन्होंने ही इनके विमान को टेकऑफ कराया था। इस विमान में एयरफोर्स के आठ अधिकारी तथा दो मैकेनिकल स्टाफ के सदस्यों समेत कुल 13 लोग सवार थे।

भारतीय वायुसेना का एएन32 विमान सोमवार दोपहर से लापता है। विमान में 29 साल के पायलट आशीष तंवर भी सवार थे। उनकी पत्नी संध्या असम के जोरहाट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल रुम में तैनात हैं। यहीं से विमान ने दोपहर के 12.25 बजे अरुणाचल प्रदेश के मेचुका के लिए उड़ान भरी थी। आशीष के चाचा फ्लाइट लेफ्टिनेंट उदयवीर सिंह ने कहा, ‘विमान से एक बजे संपर्क टूट गया था और उसने (संध्या) हमें एक घंटे बाद फोन करके घटना के बारे में बताया।’

विमान का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि उसका अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। हर बीतते समय के साथ पायलट का परिवार मायूस होता जा रहा है।

पलवल के हुड्डा सेक्टर-दो स्थित आशीष के घर पर वालों को पहले ऐसा अलगा था कि , ” विमान चीन में चला गया होगा और वहां आपातकालीन लैंडिंग की होगी लेकिन अगर ऐसा होता तो वह अबतक हमसे किसी तरह संपर्क करने की कोशिश करते। अगर उनका विमान पहाड़ों पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया होगा तो……यह सोच कर वः काँप जाते हैं ‘

आशीष के पिता अधिकारियों से मिलने और अपडेट लेने के लिए असम आये हुए  हैं । आशीष के पिता के छह भाईयों में से पांच सेना में हैं। आशीष के पिता राधेलाल सेना से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। परिवार से प्रभावित होकर ही आशीष देश सेवा को प्रेरित हुआ। उसकी बड़ी बहन वायुसेना में स्कवाड्रन लीडर है।

आशीष अपने पिता की नौकरी के कारण एक जगह से दूसरी जगह जाते रहे। उन्होंने कई केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ाई की है और उसके बाद बीटेक किया। इसके बाद गुड़गांव की एक एमएनसी में दो से तीन महीने नौकरी की। इसके बाद 2013 मे वायुसेना में शामिल हो गए।

 परिवार वालों के अनुसार , ‘मई 2015 में ट्रेनिंग खत्म करने के बाद आशीष जोरहाट चला गया। जहां मथुरा की रहने वाली संध्या पिछले साल पहुंची। फरवरी 2018 में उनकी शादी हो गई। यह शादी माता-पिता ने कराई थी।’

परिवार वालों ने बताया कि  ‘दोनों आखिरी बार दो मई को घर आए थे क्योंकि वह 26 मई तक छुट्टियों पर थे। 18 मई को वह पलवल से चले गए और छुट्टियों के लिए बैंकॉक पहुंचे। यहां से वह सीधे असम गए। किसी ने भी नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ हो जाएगा।

फिलहाल  पायलट के घर पर हजारों लोग किसी तरह की खबर आने के इंतजार में बैठे हुए हैं।

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