“स्मृति इरानी के बयान पर तरुण गोगोई का पटलवार” -कहा ‘असम में महिलाओं की स्थिति भाजपा शासित राज्यों से अच्छी’

गुवाहाटी 

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने अपने असम दौरे के दौरान नलबाड़ी में कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए, असम में महिलाओं पर जुल्म के मामले में कांग्रेस सरकार पर धावा बोला था। स्मृती  इरानी के ब्यान का पलटवार करते हुए,  मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने आंकड़ों की मदद से जवाब दिया है। गोगोई ने यह साबित करने का प्रयास किया कि असम में महिलाओं की हालत कई अन्य राज्यों की तुलना में अच्छी है।

नलबाड़ी में एक जनसभा में ईरानी ने कहा था कि असम में बीते 10 सालों में महिलाओं पर जुल्म के 75 हजार मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस शासित राज्य में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।

जिस के जवाब में गोगोई ने कहा कि 2014 में असम में महिला उत्पीडऩ के 19139 मामले दर्ज किए गए। जबकि, इसी साल भाजपा शासित मध्य प्रदेश में महिलाओं के साथ अपराध के दर्ज मामलों की संख्या 28678 रही। महाराष्ट्र में ऐसे 26690 मामले दर्ज किए गए।

गोगोई ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, 2014 में असम में 1036 महिलाओं ने खुदकुशी की। इसी साल मध्य प्रदेश में 3678, महाराष्ट्र में 4474 और गुजरात में 2672 महिलाओं ने खुदकुशी की।
गोगोई ने कहा, महिला शिक्षा के मामले में भी असम बेहतर है।

राज्य में महिला साक्षरता दर 63 फीसदी है। मध्य प्रदेश में यह 52, गुजरात में 62 और राजस्थान में महज 45 फीसदी है। गोगोई ने कहा कि केंद्रीय मंत्री असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में महज राजनीति करने के लिए आ रहे हैं न कि विकास के लिए।

उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज असम आई थीं और उन्होंने कारोबारियों से मुलाकात की थी। विदेश मंत्री को भला गुवाहाटी के कारोबारियों से क्या काम हो सकता है। उन्होंने कहा, सुषमा को राज्य सरकार से मिल कर सीमापार घुसपैठ, म्यांमार में आतंकी गतिविधि, ब्रह्मपुत्र नदी पर चीन के बांध के मसले पर बात करनी चाहिए थी। लेकिन उनके पास हमसे मिलने का समय नहीं था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: