असम और अरुणाचल में बाढ़ की स्थिती गंभीर

असम  / अरुणाचल 

असम और अरुणाचल में बाढ़ बाढ़ की स्थिती गंभीर बनी हुई है I असम के 14 जिलों में बाढ़ के प्रकोप से अब तक 2 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए है। ऊपरी असम से निचले असम तक बाढ़ ने तबाही मचाई है। पोबीतोरा वन्यजीव अभ्यारण्य और डिब्रू-साईखोवा राष्ट्रीय उद्यान समेत काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान 60 प्रतिशत बाढ़ के पानी में डूब चूका है। इस वजह से इन उद्यानों के पशुओं को सुरक्षित स्थलों की खोज में निकलना पड़ रहा है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार ने बताया कि लखीमपुर जिले के उत्तरी लखीमपुर कस्बे में एक व्यक्ति की जबकि मोरीगांव जिले के मयोंग में एक अन्य व्यक्ति की मौत हुई है।

Kaziranga flood-1
बाढ़ ग्रस्त काजीरंगा नेशनल पार्क

लखीमपुर, गोलाघाट, मोरीगांव, जोरहाट, धेमाजी, शिवसागर, डिब्रुगढ़, नगांव, चिरांग, कोकराझाड़, बरपेटा, बोंगाईगांव, नगांव और धुबड़ी जिले में ब्रह्मपुत्र और उसकी उपनादियां उफान पर है। मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल  सोनोवाल का गांव भी बाढ़ में डूबा हुआ है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ने से 14 जिलों के 1039 गांव जलमग्न हो गये हैं। कई जिलों में गले तक पानी भर गया है और कई घर पूरी तरह से डूब गये हैं।बाढ़ से प्रभावित 21549 लोगों को आश्रय देने के लिए 70 राहत शिविरों और सात राहत वितरण केंद्र खोले गये हैं। बाढ़ की वजह से कुल 47,000 हेक्टेयर कृषि भूमि क्षतिग्रस्त हुई है। वही प्रभावित लोग आश्रय शिविरों में दिन गुजार रहे है।

अरुणाचल – उप मुख्य मंत्रीने बाढ़ ग्रस्त छेत्रों का किया दौरा  

अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य में कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं जिससे राज्य के कई इलाके डूब गए हैं। बाढ़ की आपात परिस्थिति को देखते हुए अरुणाचल के उप मुख्यमंत्री चावना मीन ने दिल्ली दौरा रद्द कर बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया।

बाढ़ ग्रस्त छेत्रों का दौरा करते अरुणाचल के उप मुख्य मंत्री
बाढ़ ग्रस्त छेत्रों का दौरा करते अरुणाचल के उप मुख्य मंत्री

जल संसाधन विभाग की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि नोआ देहिंग नदी से नामसाई जिले के अंतर्गत आने वाला पूरा लेकांग सर्कल डूब चुका है।पियोंग सर्कल, नमसाई टाउनशिप और इसके आसपास के गांव प्रभावित हैं। जेंगथू नदी में पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है और इसने मुकरॉन, चेसिंग नोंगटाव, जेंगलाई और वागोन गांवों को प्रभावित किया है। लोहित, कामलांग, बेरेंग और टेंगापानी नदियां उफान पर हैं और दोनों नदियों के तट पर काफी कटाव हुआ है। नमसाई के डीसी आर. के. शर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन ने लोगों की समस्याएं कम करने के लिए आपातकालीन योजनाएं बनाई हैं।

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