सुनसान रेलवे स्टेशन

Ujjal Chirangia/nesamachar

 

आज़ादी के 68 वर्ष बीत जाने के बाद भी शिवसागर के लोग रेल सेवा का पूरी तरह से लाभ नहीं उठा पा रहे हैं बावजूद इस के कि यहाँ रेलवे स्टेशन भी है और यहाँ राजधानी जैसी ट्रेन भी गुज़रती है!

आप को बता दें की शिवसागर ऊपरी असम का एक महत्वपूर्ण शहर है! शहर के चारों ओर तेल के कुँए हैं जिन से तेल निकालने का काम सालों भर चलता रहता है! बड़ी संख्या में तेल कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारी का ठिकाना शिवसागर है! लेकिन शिवसागर शहर के लोगों को अगर ट्रेन के जरिए कहीं सफ़र करना पड़े तो उन्हे सिम्लुगुरी जंक्शन तक जाना पड़ता है जो की शहर से करीब २० किलोमीटर की दूरी पर है अक्सर लोगो को सिम्लुगुरी तक जाने में

यातायात की समस्यों से भी जुझना पड़ता है!

हैरान करने वाली बात यह है की सभी अत्यधुनिक सुविधओं से लेस शिवसागर शहर के बीचों बीच मौजूद है शिवसागर टाउन रेलवे स्टेशन! पूरे दिन भर में 6-7 रेल गाड़ीयां यहाँ से गुजरती है, लेकिन केवल तीन ट्रेने ही यहाँ रूकती है! इस सच को स्टेशन में टंगा रेल समय सारणी खुद दर्शाता है!

स्टेशन मास्टर मानस कुमार शर्मा बताते हैं कि “ बहुत दिनों पहले उन्होने अख़बार में पढ़ा था कि नई रेल गाड़ियां इस रूट पर चलेगी, लेकिन अब तक इससे संबंधित कोई आधिकारिक जानकारी उन्हे नहीं मिली है!

शिवसागर के लोगों का मानना है कि एक एतिहासिक शहर, प्राचीन धरोहरों और पर्यटन को देखते हुए इस शहर में रेल सेवा को चुस्त दरुस्त करने की जरुरत है! लेकिन उन की यह मांग कब पूरी होगी यह कह पाना मुश्किल है!

गौरतलब है की अगर इस स्टेशन में कुछ नई रेलगाड़ियाँ चलाई जाए तो यहाँ के लोगों को डिब्रूगढ़, तिनसुकिया जैसे शेहेरों तक जुड़ने में काफ़ी आसानी होगी, जिसमे लोग कम समय में और कम खर्च में आवा जाही कर सकेंगे.

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