दिल्ली से हनी ट्रैप के जरिए अगवा किया गया था डॉक्टर हरि पेगु को

News  desk/nesamachar.in

असम के डिब्रूगढ़ में नर्सिग होम चलाने वाले डॉक्टर हरि पेगु को दिल्ली से हनी ट्रैप के जरिए अगवा किया गया था। डॉक्टर व उनके परिजनों से पूछताछ के अलावा तकनीकी जांच पड़ताल से घटना की पूरी तस्वीर साफ हो गई है। हालांकि पुलिस अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। आरोपियों को दबोचने के लिए दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश व असम में जांच की जा रही है।

पुलिस का दावा है कि डॉक्टर के परिजनों से बिना फिरौती वसूले अपहरणकर्ताओं ने उन्हें मुक्त कर दिया था। फिरौती की मोटी रकम वसूलने के लिए आरोपियों ने पुख्ता योजना बनाई थी। इसके बावजूद पुलिस का दबाव देखकर पकड़े जाने के डर से बदमाशों ने डॉक्टर को एयरपोर्ट के पास लाकर यह कहते हुए छोड़ दिया कि वह तुरंत फ्लाइट से असम चले जाएं। उनके डिब्रूगढ़ पहुंच जाने के बाद पुलिस को पता चला कि डॉक्टर को छोड़ दिया गया।

Dr Pegu  डॉ. हरि पेगु को अगवा करने की साजिश करीब दो महीने पहले डिब्रूगढ़ में ही रची गई थी। स्थानीय निगम पार्षद  से डॉक्टर का पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। पार्षद ने असम में वाहन चोरी करने वाले कुछ बदमाशों के साथ साजिश रची। इसके बाद नगालैंड की एक युवती को साजिश में शामिल किया गया।

पुलिस को भनक नहीं लगे, इसलिए फूंक-फूंक कर कदम रखा गया। सबसे पहले युवती को दिल्ली जाकर वहां से तीन मोबाइल फोन खरीदने को कहा गया। सितंबर के पहले हफ्ते में युवती नगालैंड से फोन खरीदने दिल्ली आई। यहां उसने खान मार्केट से नोकिया के तीन सस्ते फोन खरीदकर वापस नगालैंड चली गई। इनमें से एक फोन का इस्तेमाल युवती ने केवल डॉक्टर से बात करने के लिए किया। अक्सर बात कर युवती ने डॉ. से दोस्ती की और दिल्ली में मिलने की इच्छा जाहिर की। डॉक्टर इसके लिए तैयार हो गए। 20 सितंबर को डॉक्टर दिल्ली आए। उनके पहले से युवती दिल्ली में थी। दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही।

डॉक्टर हरि पेगु और युवती के दिल्ली आने से पहले असम के वाहन चोर ने दिल्ली के बिंदापुर के रहने वाले कुख्यात वाहन चोर शरद पांडेय व रवि को योजना के बारे में बताया। वे कुछ पेशेवर बदमाशों के साथ तैयार थे। 23 सितंबर को युवती ने डॉक्टर को राम मनोहर लोहिया अस्पताल के पास बुलाया और दूसरे फोन से शरद पांडेय को बुला लिया। डॉक्टर के वहां आते ही उन्हें अगवा कर लिया गया। उन्हें दिल्ली, हरियाणा व राजस्थान में रखा गया। 25 सितंबर को असम के वाहन चोर ने नगालैंड की राजधानी कोहिमा से डॉक्टर की पत्नी को फोन कर पांच करोड़ रुपये मांगे। फिरौती के लिए उस फोन का इस्तेमाल किया गया, जिसे युवती ने खान मार्केट से खरीदा था। तीसरे फोन का इस्तेमाल पार्षद ने किया। वह इस फोन से केवल अपहरण में शामिल बदमाशों से बात करता था।

 

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