आईएस के खिलाफ “धर्म सेना” का गठन, 15000 सैनिक लड़ने मरने के लिए तैयार

मेरठ

इस्लामिक स्टेट यानी आईएस, के खिलाफ लड़ने के लिए देश में धर्म सेना का गठन किया गया है, जिस के 15000 सैनिक ट्रेनिंग ले कर धर्म की  रक्षा के लिए मरने को  तैयार हैं।  दिल्ली के बाहरी इलाके और उत्तराखंड के बॉर्डर तक हिन्दू स्वाभिमान सेना नामक एक संगठन ट्रेनिंग देकर अपनी धर्म सेना का विस्तार कर रहा है। धर्म सेना के नेताओं का दावा है कि अपनी सुरक्षा व आस्था के लिए  15000 सैनिक पहले से ही मरने के लिए तैयार हैं।संगठन का मानना है कि 2020 तक आतंकी संगठन आईएस पश्चिमी यूपी को अपने कब्जे में ले लेगा।

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के अनुसार, अखबार की एक टीम ने उनके चार ट्रेनिंग कैंपों का दौरा किया। ये कैंप सांप्रदायिक रूप से बेहद संवेदनशील पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फैले हैं। संगठन की सूची में बच्चे भी शामिल हैं, जिनमें से कुछ की उम्र तो महज आठ साल ही है। सभी को तलवार व बंदूक चलाने की शिक्षा दी जा रही है।

हिन्दू स्वाभिमान सेना के नेताओं के दावों पर विश्वास किया जाए तो इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। इनके 50 ट्रेनिंग कैंप हैं जिनमें कुछ गुप्त हैं और अन्य बमहेता, रोरी में चल रहे हैं। यहां खुलेआम पुरुषों, महिलाओं, लड़के, लड़कियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। मेरठ सिटी में इनके तीन कैंप चल रहे हैं और अकेले मुजफ्फरनगर में इनके पांच कैंप हैं।

हिन्दू स्वाभिमान सेना के एक वक्ता ने कहा कि, “हम पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कम से कम 50 ट्रेनिंग सेंटर चला रहे हैं। हमारे छात्रों की उम्र 8 से 30 साल के बीच की है। हम बच्चों को सीधे तलवार और बंदूक नहीं देते हैं। पहले 6 महीने तक हम इन्हें मानसिक प्रशिक्षण देते हैं। हम इन्हें गीता के छंदों को सिखाते हैं। हिन्दुओं को मौत से डर नहीं लगता क्योंकि वह फिर से जन्म लेता है। यहां बच्चे बहुत निडर हैं”।’

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