नोट बंदी का पर्यटन पर बुरा असर, उरांग राष्ट्रीय उद्यान पड़ा सूना

मंगलदै

नोट बंदी के असर से पर्यटन विभाग भी नहीं बच पाया है| शीतकाल में हमेशा पर्यटकों से भरा रहने वाला उरांग राष्ट्रीय उद्यान सूना पड़ गया है| इधर इन पर्यटकों पर ही निर्भर रहने वाले कामगारों के लिए भी भूखे मरने की नौबत आ गई है|

orang-2हाथी सफारी, जीपसी सफारी के साथ-साथ राष्ट्रीय उद्यान के मुख्य द्वार के पास स्थित सर्वसुविधा संपन्न राज्य सरकार के पर्यटन विभाग के प्रसंती टूरिज्म लॉज में पिछले एक महीने से नोटबंदी की वजह से सन्नाटा पसरा हुआ है| 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद से एक भी पर्यटक इस उद्यान में नहीं आया है| यहाँ तक कि सभी अग्रिम बुकिंग भी रद्द कर दी गई है|

इस संबंध में टूरिस्ट लॉज के प्रभारी अब्दुल सलाम ने बताया कि इस वर्ष एक अक्टूबर से राष्ट्रीय उद्यान पर्यटकों के लिए खोल दिया गया| अक्टूबर और नवंबर महीने की 8 तारीख तक उद्यान में पर्यटकों का आना-जाना लगा रहा, लेकिन 8 नवंबर की मध्यरात्रि से नई मुद्रा नीति लागू होने के साथ ही पर्यटकों की संख्या कम होने लगी|

नवंबर से फ़रवरी महीने तक ही पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण समय होता है| गत वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटकों के उद्यान में आने से कामगारों की अच्छी कमाई हुई थी लेकिन इस साल सभी पर्यटकों की राह देखते हुए हाथ पर हाथ धरे बैठे है| ऐसे में दो महीने से इनकी मासिक पगार भी इन्हें नही मिली|

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