मेघालय चुनाव से पहले उग्रवादी हमले में उम्मीदवार जोनाथन संगमा की मौत, राजनैतिक हत्या तो नहीं ?

शिलांग

मेघायल चुनाव से पहले यहाँ  उग्रवादी हमले में नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विलियमनगर से उम्मीदवार जोनाथन संगमा की मौत किया एक राजनैतिक हत्या है, यह सवाल अब उठने लगे  है. 43 साल के उम्मीदवार जोनाथन संगमा साल 2013 में इसी सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़े थे.

संगमा चुनाव प्रचार करने के बाद जब विलियमनगर जा रहे थे उसी दौरान उनके काफिले पर हमला किया गया था.  उनके निधन पर राज्य के मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने खेद व्यक्त किया है.

रविवार शाम करीब 7.30 बजे शिलांग से 245 किलोमीटर की दूर सामंदा में विस्फोट किया गया था जिस में जोनाथन संगमा और उन के दो सुरक्षाकर्मियों मारे गए. मेघालय पुलिस के अनुसार यह धमाका इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) से किया गया था.

जोनाथन ने साल 2017 में विलियमनगर के विजयी उम्मीदवार देबोराह के खिलाफ केस दर्ज करवाया था. जिसमें उनका कहना था कि देबोराह ने चुनाव के दौरान मतदाताओं को धमकाने के लिए एक आतंकी समूह की मदद ली थी.

बताया यह जा रहा है कि जोनाथन संगमा पहले से ही चरमपंथी संगठन ‘गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी’ के निशाने पर थे. उनके ख़िलाफ़ गारो पहाड़ियों में धमकी भरे पोस्टर भी लगाए हैं जिस पर लिखा है जो भी जोनाथन को वोट देगा उसे गोली मार दी जाएगी. पार्टी कीओर से इस की जानकारी राज्य  सरकार और पुलिस को भी दी गयी थी. फिर ही अनहोनी हो गयी.

बता दें कि  मेघालय में 27 फरवरी को चुनाव होने वाले हैं.

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