कहीं ऐसा न हो कि देश भर से कांग्रेस का पत्ता साफ़ हो जाए !!

गुवाहाटी

MANZAR ALAM-GUWAHATI-2By Manzar Alam

पांच विधान सभा के नतीजों ने एक बात साफ़ कर दिया है कि राष्ट्रीय पार्टी कहलाने वाली कांग्रेस को राष्ट्र ने नकार दिया है I बल्कि अब तो कांग्रेस के अस्तितिव को ले कर ही प्रश्न उठने लगे हैं I कहीं ऐसा न हो की आने वाले कुछ वर्षों में देश भर से कांग्रेस का पत्ता साफ़ हो जाए I

दरअसल आज आए नतीजों में पांच राज्यों में कहीं भी कांग्रेस खुद को सम्भाल नहीं पाई I असम में 15 वर्षों तक राज करने के बाद पत्ता साफ़ हो गया I वही हाल केरल में भी हुआ I खुद को बचाने के लिए जहां दुसरे पार्टियों के समझौता किया वहाँ भी कांग्रेस खुद को बचा न सकी Iपश्चिम बंगाल में लेफ्ट पार्टियों का साथ भी कांग्रेस को सत्ता तक नहीं पहुंचा पाया। बंगाल में ममता बनर्जी की सत्ता में वापसी हो गई। तमिलनाडु में भी कांग्रेस का यही हाल हुआ, कांग्रेस ने डीएमके से गठबंधन किया लेकिन यहां जयललिता ने दोबारा सत्ता में लौटकर इतिहास रच दिया और कांग्रेस को ठेंगा देखना पड़ा।

कहीं ऐसा न हो कि देश भर से कांग्रेस का पत्ता साफ़ हो जाए !!कभी पूरे देश में राज्य करने वाली पार्टी अब केवल 7 राज्यों- उत्तराखण्ड, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, मेघायल, और पुड्डुचेरी, तक सिमट कर रह गयी है I कांग्रेस की पूर्वोत्तर के तीन राज्यों, दक्षिण भारत के एक राज्य और दो उत्तर भारत के राज्यों में सरकार है। लोकसभा चुनाव के बाद से कांग्रेस का राज्यों में पतन होना शुरू हुआ जिसका सिलसिला अभी तक जारी है। पहले हरियाणा और महाराष्ट्र कांग्रेस के हाथों से निकल गए। झारखण्ड में भी कमल खिल गया। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सत्ता में आ गई। अब असम और केरल भी हाथ से निकल गए हैं I अरुणाचल बागियों की वजह से हाथ से निकल गया है I असम में बीजेपी की सरकार बन्ने के बाद मणिपुर और मेघालय में भी बागी अपना तेवर दिखा सकते हैं I हिमाचल  और उत्तरखंड में पहले ही बागी तेवर दिखा रहे हैं I जिसे  जिसे देखते हुए ऐसा लगता है की आने वाले दिनों में कांग्रेस का पूरे देश से ही पत्ता साफ़ न हो जाए I

वहीं कभी संसद में दो सांसद वाली भाजपा की आज 11 राज्यों राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, गुजरात, गोवा, महाराष्ट्र, पंजाब, जम्मू कश्मीर, असम I में सरकार हो गई है। 7 राज्यों में अकेले भाजपा की सरकार है वहीं चार राज्यों में सहयोगी दलों के साथ सत्ता में है।

वर्ष 2017 में तीन राज्यों उत्तराखण्ड, पंजाब और उत्तर प्रदेश शामिल है। पंजाब में आम आदमी पार्टी ने अपना दमखम दिखाया है। वह कांग्रेस और भाजपा को कड़ी चुनौती दे सकती है। उत्तराखण्ड में हालिया घटनाक्रम के बाद कांग्रेस को ज्यादा उम्मीद है लेकिन पांच साल के बाद सत्ता परिवर्तन का वहां भी परंपरा रही है। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। वहां मुख्य मुकाबला समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच ही रहेगा। हालांकि भाजपा भी खुद को मुख्य मुकाबले में मान रही है।

कुल मिला कर देखा जाए अगले वर्ष इन तीनो राज्यों में से किसी में भी कांग्रेस सत्ता हासिल नहीं कर पाएगी  और यदी ऐसा हुआ तो कांग्रेस के हाथों से दो और राज्य निकल जाएंगे I  कहते हैं की राजनीती में कभी भी कुछ भी हो सकता है I तो कहीं ऐसा न हो जाए कि देश भर में कांग्रेस का पत्ता साफ़ हो जाए I

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