संपर्क व्यवस्था पूर्वोत्तर की सबसे बड़ी समस्या: नितिन गडकरी

डिब्रूगढ़

सड़क और रेलवे संपर्क के विकास के साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में विकास असम में उद्योगों को आकर्षित करेगा और बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा। शनिवार को डिब्रुगढ़ के मोरान में राष्ट्रीय राजमार्ग 37 में 4 परियोजनाओं की नींव रखते हुए केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी ने यह बात कही।national highway

संपर्क व्यवस्था को पूर्वोत्तर क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या करार देते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि, पिछले साल हमारी सरकार बनने के बाद हमने पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास का निर्णय लिया और नेशनल हाईवे रोड डिविजन कॉर्पोरेशन बनाया। सड़क, परिवहन तथा राजमार्ग मंत्री गडकरी ने कहा “ऊर्जा और अच्छी मोबाइल संपर्क व्यवस्था पूर्वोत्तर क्षेत्र में उद्योगों को आकर्षित करेगा।”

उन्होंने कहा कि आने वाले साल में डेढ़ लाख स्थानीय श्रमिकों को सड़क निर्माण कार्य से जोड़ा जाएगा। एनएच 37 को फोर लेन बनाने में 12000 करोड़ रुपयों का खर्च होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भूटान सीमा से सटे श्रीरामपुर से धुबड़ी तक और तिनसुकिया से अरुणाचल प्रदेश तक नई सड़क परियोजनाएं 4000 करोड़ की लागत से शुरू की गई है। अगले 3 महीने में करीमगंज बाईपास, सिलचर शहर, सिलचर-जिरीबाम, सिलचर-बदरपुर सड़क के अलावा एनएच 37 में स्वचालित वेइंग ब्रिज परियोजना का कार्य शुरू होगा। नदी परिवहन को बेहतर बनाने के लिए अंतर्देशीय परिवहन का कार्य जल्द शुरू होगा।

उन्होंने बताया कि केंद्र की ओर से अगले 5 साल में असम के सड़कों के विकास के लिए 25000 करोड़ रूपए आवंटित किए गए है। ब्रह्मपुत्र पर 4 नए पुल बनाएं जाएंगे जो सड़क संपर्क व्यवस्था को और बेहतर बनाएगा। मंत्री ने शानिवार को 3 पुलों की नींव रखी जिसमें एक दुनिया के सबसे बड़े नदी द्वीप माजुली को जोरहाट शहर से जोड़ेगा।

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