कॉलेज के प्राचार्य डिजिटल व कैशलेस पद्धति अपनाए – हिमंत  

गुवाहाटी

शिक्षामंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने डिजिटल असम बनाने पर जोर देते हुए कॉलेज के प्राचार्यों से डिजिटल व कैशलेस के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया है| उन्होंने साथ ही विद्यार्थियों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए कॉलेजों में खेल को बढ़ावा देने की भी बात कही| वहीँ पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने के लिए हर बीपीएल परिवार के विद्यार्थियों को कॉलेज में नामांकन के समय छूट पाने के लिए पौधा लगाने की बात कही|

उन्होंने कहा कि हर कॉलेज के प्राचार्य अपने-अपने कॉलेज में डिजिटल पद्धति का व्यवहार करें तथा स्वाइप मशीन लगवाए| हर कॉलेज में अपना-अपना वेबसाइट खोलने पर जोर देते हुए मंत्री शर्मा ने प्राचार्यों से कॉलेज में नामांकन के समय कैशलेस पद्धति को व्यवहार करने की बात भी कही| शहर के कॉटन कॉलेज विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित एक सभा में प्राचार्यों को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि इससे कॉलेज प्रबंधन को लेन-देन में काफी सुविधा होगी, जससे भ्रष्टाचार में कमी आएगी|

शर्मा ने हर कॉलेज में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की बात करते हुए कहा कि कॉलेज में खेल के क्षेत्र में विकास के लिए मुख्यमंत्री ग्रामोन्नयन के तहत खेल फील्ड के उन्नयन के लिए 20 लाख रुपए दिए जाएंगे| उन्होंने कहा कि कॉलेज के प्राचार्य को विलेज एडॉप्शन कार्यक्रम के तहत एक या दो कॉलेज को गोद लेना चाहिए तथा उक्त गाँव में स्वच्छता व शिक्षा पर जोर देना चाहिए| इस कार्यक्रम के तहत जो कॉलेज किसी गाँव को गोद लेने से वंचित रहेगा, उसको सरकारी सुविधाओं से वंचित होना पड़ेगा|

वही आगामी वर्ष 2018 में हायर सेकेंडरी के विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें मिलेंगी| उन्होंने मई के अंतिम या जून के पहले हफ्ते में मेट्रिक परीक्षा के परिणाम आने की बात कही| वहीँ मंत्री शर्मा ने कहा कि अब कोई भी प्रोफेसर, प्राचार्य किसी भी गैर-सरकारी कॉलेज में किसी भी पद पर आसीन नहीं हो सकेंगे और न ही किसी प्राइवेट शिक्षण संस्थान में विद्यार्थी को कोचिंग दे सकेंगे|

उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों के पास ‘नाक’ का एक्रिडेशन नहीं है, ऐसे संस्थानों से पीएचडी व एम.फिल की डिग्री मान्य नहीं होगी| वहीँ उन्होंने कॉलेज प्रबंधनों से पाठदान के समय तथा शाम 7 बजे के बाद किसी भी व्यक्तिगत संस्थान को किसी तरह का आयोजन न करने देने की बात कही है| अगर इस बीच कोई अप्रिय घटना घटती है तो इसके लिए उक्त कॉलेज के प्राचार्य जिम्मेदार होंगे|

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