केंद्रीय मंत्री रहूँगा या नहीं यह प्रधानमंत्री पर निर्भर है- सर्वानंद सोनोवाल

गुवाहाटी

बीजेपी नेता तथा असम से बीजेपी के सीएम पद के उम्मीदवार केन्द्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल का कहना है कि पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद अब यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निर्णय लेंगे कि उन्हें केंद्रीय मंत्री के पद पर बरकरार रखना है या नहीं। उन्होंने कहा कि यह मेरी नहीं बल्कि प्रधानमंत्री की इच्छा पर निर्भर करता है।

बीते 28 जनवरी को बीजेपी की संसदीय बोर्ड ने सोनोवाल को असम विधानसभा चुनाव में बेहतरीन प्रदर्शन करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। उनसे उम्मीद की गई है कि वे आगामी चुनाव में 2014 के लोकसभा चुनाव की कामयाबी दोहराएंगे जिसका श्रेय उन्हें जाता है। 2014 के संसदीय चुनाव में राज्य में बीजेपी को 14 में से 7 सीटें हासिल हुई थी जबकि कांग्रेस को महज़ 3 सीटों से संतोष करना पड़ा था।

प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष तथा सीएम पद के उम्मीदवार सोनोवाल ने कहा कि उनकी पार्टी ने एजीपी समेत सभी क्षेत्रीय पार्टियों से बातचीत जारी रखी है। हम राज्य में भारी जीत की उम्मीद कर रहे है। मैं आंकड़े नहीं बता रहा हूँ बल्कि यह कह रहा हूँ कि हमारी पार्टी को इतनी सीटें जरूर मिलेगी की हम राज्य में नई सरकार बना सके।

उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि पिछले 15 साल में कांग्रेस की सरकार ने असम की जनता के लिए कुछ नहीं किया बल्कि तानाशाह चलाकर सिस्टम का दुरूपयोग किया। जनता से किए अपने चुनावी वादों को भी कांग्रेस ने पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि असम और पूर्वोत्तर राज्यों की जनता अब बीजेपी से सर्वांगीण विकास की उम्मीद लगा रही है।

अगर हम अटल बिहारी वाजपेयी जी के कार्यकाल की बात करें तो उनके नेतृत्व में यह बीजेपी ही थी जिसने अलग डोनर (development of northeast region) मंत्रालय का गठन किया था जिसका उद्देश्य पूर्वोत्तर राज्यों का सर्वांगीण विकास था। बीजेपी नीत सरकार ने ही असम की सिलचर-सौराष्ट्र (east-west) कॉरिडोर परियोजना शुरू कराई थी।

बीजेपी सरकार की उपलब्धियां यही समाप्त नहीं होती। अब हमारे मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पूर्वोत्तर राज्यों के विकास के लिए नए-नए कदम उठाए है। यहाँ के विकास का जायजा लेने उन्होंने ही हर 15 दिन में केंद्रीय मंत्रियों को पूर्वोत्तर राज्यों का दौरा करने का आदेश दिया है।

उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने उल्फा के साथ बातचीत को भी नतीजे तक पहुँचाने का प्रयास जारी रखा है और कुछ खास कदम उठाए है जिसमे कांग्रेस नीत सरकार विफल रही। इसी के तहत उल्फा के महासचिव अनूप चेतिया को बांग्लादेश से भारत लाया गया ताकि शांतिवार्ता प्रक्रिया को शीघ्र निपटाया जा सके। यह बातेँ उन्होंने मेघालय में कहीं जहाँ वे 12वें दक्षिण एशियाई खेलों का ‘जिंगल और स्पेशल कवर’ तथा भारतीय डाक के ‘my stamp’ का शुभारंभ करने पहुंचे थे।

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