स्टिंग ऑपरेशन मामले में सीबीआई ने हरीश रावत को किया तलब

नई दिल्ली

जहां एकओर उत्तराखंड राजनैतिक संकट जारी है और राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है। उसी बीच स्टिंग ऑपरेशन मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को पूछताछ के लिए तलब किया है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी ने रावत को पूछताछ के लिए सोमवार को तलब किया है और रावत ने सीबीआई मुख्यालय पहुंचने की हामी भी भरी है, जहां उनसे पूछताछ की जाएगी।

आपको बता दें कि एक निजी चैनल के मुख्य संपादक द्वारा बनाई गई और नौ बागी कांग्रेसी विधायकों द्वारा प्रसारित की गई ‘स्टिंग सीडी’ में कथित रूप से रावत को बागी विधायकों का समर्थन हासिल करने के लिए पत्रकार से सौदेबाजी करते दिखाया गया था। इस वीडियो में हरीश रावत 5 करोड़ रुपए खुद से और 10 करोड़ रुपए किसी जरिए से दिलाने की बात कह रहे थे। बागी विधायको का दावा था कि ये स्टिंग ऑपरेशन 23 मार्च का है।

रविवार को रावत ने वीडियो में मौजूद होने की बात स्वीकार की थी और कहा था कि एक पत्रकार से मिलना अपराध नहीं है। हरीश रावत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि अगर ये सही है तो साबित होता है कि बागी विधायक पैसे के लिए बीजेपी के साथ गए और फिर पैसे के लिए सरकार से बात कर रहे थे।

संवाददाताओं से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने आरोप लगाया कि स्टिंग सीडी प्रकरण और उसकी सीबीआई जांच भाजपा की उनकी सरकार गिराने की साजिश का एक हिस्सा थी और इस मामले में वह जेल जाने सहित उनका हर अत्याचार सहने को तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि एक अपराधिक षड्यंत्र के तहत सीडी प्रकरण व सीबीआई जांच को लेकर राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अपने दिलों दिमाग में मुझ पर जो भी जुल्म करने की सोच रहे हैं, मैं उसे भी सहने को तैयार हूं।’ इस संबंध में उन्होंने कहा कि अपने राज्य के विकास के लिए किए जाने वाले संघर्ष से वह पीछे नहीं हटेंगे और यदि भाजपा नेता उन्हे जेल भेजना चाहते है तो वह इसके लिये भी तैयार हैं।

रावत ने कहा, ‘अगर मेरे खिलाफ ऐसा कोई प्रमाण मिलता है कि कि मैंने किसी को धन या किसी और चीज की पेशकश की तो मुझे घंटाघर पर लटका दीजिये। घंटाघर चौक देहरादून के बिल्कुल बीचोंबीच स्थित है।’ हालांकि, अपदस्थ मुख्यमंत्री रावत के इस बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि उनके और स्टिंग सीडी बनाने वाले उस पत्रकार के बीच मुलाकात हुई थी। महत्वपूर्ण बात यह है कि रावत अब तक सीडी की सत्यता को ही चुनौती देते रहे थे और उन्होंने उसे ‘फर्जी और गलत’ बताया था।

रावत ने कहा, ‘मेरे लिये कोई क्यों 15 करोड़ रुपये खर्च करेगा। वह व्यक्ति (पत्रकार) मेरा मन बहलाने के लिये कुछ अर्थहीन बातें कर रहा था और मैंने उसका मन बहलाने के लिये ऐसे ही कुछ कह दिया। इससे क्या फर्क पडता है? हम रोजाना इस प्रकार की बातें कहते रहते हैं। क्या इसका मतलब है कि उनका प्रयोग हमारे खिलाफ किया जाये?’

गत 18 मार्च को नो कांग्रेस विधायकों के बागी हो जाने और राज्य विधानसभा में भाजपा के साथ खड़े हो जाने के बाद प्रदेश में सियासी संकट पैदा हो गया था जिसकी परिणिति 27 मार्च को राष्ट्रपति शासन के रूप में हुई थी। रावत के प्रधानमंत्री और शाह पर लगाये गये आरोपों की बाबत प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि सत्ता से बेदखल होने से रावत का मानसिक संतुलन गड़बड़ा गया है और इसी के कारण वह बेसिर पैर की बातें कर रहे हैं।

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