पहले चरण के लिए चुनाव प्रचार खत्म; कल 65 सीटों के लिए होगा मतदान

गुवाहाटी

असम में 4 अप्रेल को होने वाले विधान सभा चुनाव के पहले चरण के लिए चुनाव प्रचार खत्म हो गया है. प्रचार अभियान के दौरान पीएम मोदी ने जहां ” आनंद ही आनंद सर्वानंद ” और ” गोगोई -गो गो ” के नारे दिए वहीं कंग्रेस कांग्रेस ने लगातार चौथी बार सत्ता बरकरार रखने के लिए अपनी सारी ताकत झोंक दी. जबकि ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) ने दावा किया कि असम में अगली सरकार बनाने में वह ”किंगमेकर” की भूमिका निभाएगा.

BJP--2-add

राज्य में प्रथम चरण में चार अप्रैल को चुनाव होंगे, जिनमें 126 विधानसभा क्षेत्रों में से 65 सीटों के लिए होगा मतदान. जिस में ब्रह्मपुत्र घाटी में 50 विधानसभा क्षेत्र और बराक घाटी में 15 विधानसभा क्षेत्र आते हैं. प्रथम चरण में 95 लाख 11 हजार 732 मतदाता अपने मतों का प्रयोग करेंगे जिन में 45 लाख 95 हजार 712 महिला मतदाता हैं. प्रथम चरण में 539 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होना है जिनमें 496 पुरूष और 43 महिला उम्मीदवार हैं.

polling-party-2प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य में भाजपा-अगप-बीपीएफ गठबंधन का प्रचार अभियान संभाला जिसमें केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज, नितिन गडकरी, स्मृति ईरानी, रास्ट्रीय नेताओं ने चुनावी सभाओं को संबोधित किया तो राज्य स्तर पर  कांग्रेस छोड़ कर में बीजेपी में शामिल हुए हिमंत बिस्व शर्मा और बीजेपी के मुख्य मंत्री पद के उमीदवार सर्वानंद सोनोवाल ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.

वहीं कांग्रेस के लिए पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी, असम के मुख्यमंत्री तरूण गोगोई, राज्य इकाई के अध्यक्ष अंजन दत्ता के साथ संप्रग के पूर्व मंत्री गुलाम नबी आजाद, जयराम रमेश, सलमान खुर्शीद आदि ने अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार किया.

भाजपा ने अपने प्रचार में मतदाताओं से अपील की कि विकास लाने और ”परिवर्तन” करने के लिए वोट करें जबकि कांग्रेस ने अपनी विभिन्न उपलब्धियों को उजागर किया जिनमें पिछले 15 वर्षों के शासनकाल के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार लाना शामिल है.

भाजपा ने मुख्यमंत्री तरूण गोगोई को उनकी बढ़ती उम्र को लेकर निशाना बनाया और उनकी सरकार पर आरोप लगाए कि राज्य में भ्रष्टाचार व्याप्त है और विकास नहीं हुआ है. दूसरी तरफ कांग्रेस ने नरेन्द्र मोदी सरकार पर लोकसभा चुनावों के दौरान किए गए वादों को पूरा करने में विफल रहने के आरोप लगाए और असम को मिलने वाले विशेष कोष और विशेष राज्य के दज्रे को खत्म करने के आरोप लगाए.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: