बीजेपी की जीत, कार्बी स्वायत्त परिषद पर दखल

डिफू

कांग्रेस के 14 निर्वाचित और 4 मनोनीत सदस्यों के कल बीजेपी में शामिल हो जाने के बाद अब कार्बी आंगलांग स्वायत्त परिषद (केएएसी) पर भी बीजेपी का कब्जा हो गया है| राज्य में बीजेपी की सरकार बनने के बाद पार्टी की यह एक और बड़ी जीत है| इससे पहले कांग्रेस के कई सदस्यों के बीजेपी में शामिल हो जाने से पार्टी उत्तर कछार पर्वतीय स्वायत्त शासी परिषद और गुवाहाटी नगर निगम पर भी दखल कर चुकी है|

कल कार्बी आंगलांग स्वायत्त शासी परिषद के 65वें स्थापना दिवस के मौके पर परिषद के सभी सदस्य डिफू स्थित पहाड़ी जिला मुख्यालय के परिषद सचिवालय में एकजुट हुए और कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद मुख्य कार्यकारी सदस्य तुलीराम रंगहांग, अध्यक्ष धनसिंह क्रो और उपाध्यक्ष सूर्या रंगफार समेत 18 सदस्य जिला बीजेपी कार्यालय गए और पार्टी में शामिल हो गए|

तुलीराम रंगहांग ने बताया कि “लोकसभा सदस्य बीरेन सिंह इंग्ती और पूर्व मंत्री खर सिंह इंग्ती द्वारा परिषद के कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप तथा कांग्रेस और जनता के बीच बढ़ती दूरियों ने हमें पार्टी छोड़ने पर मजबूर किया है|”

इससे पहले परिषद के 26 निर्वाचित सदस्यों में से बीजेपी के 3, जबकि कांग्रेस के 17 और विपक्षी एचएसडीसी के 6 सदस्य थे| 14 सदस्यों के पार्टी छोड़ने के बाद परिषद में कांग्रेस के सदस्यों की संख्या 3 तक सीमित हो गई| सन 1986 से 2001 तक परिषद एएसडीसी (मौजूदा एचएसडीसी) के कब्जे में था| सन 2000 में एएसडीसी में वैचारिक मतभेद के चलते दरार पड़ने से 2001 में कांग्रेस ने परिषद पर कब्जा जमा लिया और खर सिंह इंग्ती परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य बने| बाद में इंग्ती पहाड़ी जिला विकास मंत्री निर्वाचित हुए| हालिया विधानसभा चुनाव से पूर्व खर सिंह इंग्ती और बीरेन सिंह इंग्ती के बीच मतभेद ने पार्टी पर बुरा प्रभाव डाला और इसी वजह से पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा|

बीजेपी सूत्र से मिली खबर के अनुसार फिलहाल परिषद में कोई बदलाव नहीं होगा और रंगहांग कुछ दिन तक कार्यभार संभालते रहेंगे| परिषद के चुनाव 2017 में होंगे और फिलहाल पार्टी का ध्यान अपनी सांगठनिक बुनियाद को मजबूत बनाने पर है|

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