कितना सफल होगा, बीजेपी – एजीपी गठबंधन- एक बड़ा सवाल

गुवाहाटी

Ravi AjitsariyaBy Ravi Ajitsariya 

जो पार्टी कार्यकर्ता महसूर कर रहे हैं, या राज्य की जनता जो देख रही है, वोह बड़े नेताओं को भी नज़र आ रहा है और वह भी महसूस कर रह रहे हैं , लेकिन शायद उन की राजनैतिक मजबूरियाँ हैं के वह उन्हें नज़र अंदाज़ कर रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी और असम गण परिषद के गठबंधन होने के बाद दोनों पार्टियों में जो बगावत देखने को मिल रहा है वोह राज्य की जनता देख भी रही है और समझ भी रही है. लेकिन भारतीय जनता पार्टी के केन्द्रीय नेताओं का दावा है कि पार्टी का न तो कोई कार्यकर्ता  पार्टी के फैसले के किलाफ है , न नाराज़ है न ही पार्टी के खिलाफ कोई कदम उठाने वाला है . इसी लिए आज हर असमवासी के समक्ष एक बड़ा सवाल यही है कि  बीजेपी  और एजीपी गठबंधन कितना सफल होगा .

Mahendra Singh
Mahendra Singh

दरअसल असम में भारतीय जनता पार्टी और असम गण परिषद के गठबंधन होने के पश्चात दोनों ही पार्टियों के कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष देखा जा रहा है .  खास करके भाजपा के उन सम्पर्पित कार्यकर्ताओं को ऐसा लगने लगा है कि इस गठबंधन से पार्टी को भारी नुकसान सहना पड़ सकता है.  यह बात इसलिए भी उठी है कि अधिकतर कार्यकर्ताओं को ऐसा लगने लगा था कि देश भर में मोदी सरकार की नीतियों से असम के लोग खुश नजर आ रहें थे, जिसका लाभ पार्टी को आगामी चुनाव में मिलने वाला था.  ऐसा भी कहा जा रहा है कि इस गठबंधन के होने से भारतीय जनता पार्टी ने असम गण परिषद् में अचानक जान डाल दी है, जिससे यह कयास है कि असम गण परिषद् को लाभ मिले या नहीं, पर भाजपा को नुकसान होना तय है .

इस सम्बन्ध में जब भाजपा के असम के प्रभारी श्री महेंद्र सिंह से पूछा गया तब उन्होंने एक सिरे से इन कयासों को नकार दिया है और कहा है कि पार्टी के किसी भी कार्यकर्ताओं में किसी भी तरह का क्षोभ नहीं है, पार्टी के कार्यकर्ता देश के लिए कार्य करतें है, और भाजपा के लिए समर्पित है . पार्टी के लोग नेतृत्व के प्रति आस्था बनायें हुए है, और देशहित में कार्य कर रहें है .

भाजपा का कार्यकर्त्ता चुनाव की टिकट के लिए कार्य नहीं करता, बल्कि देश और मानववाद की भलाई के लिए कार्य करता है, जो वे कर रहें है . एक अन्य सवाल के जबाब में उन्होंने कहा है कि भाजपा के कार्यकर्त्ता पार्टी में अनुशासन बनायें हुए है, और नेतृत्व पर पूरा भरोसा किये हुए है . नेतृत्व का कोई भी निर्णय वे सहज स्वीकार रहें है .  अगप और भाजपा गठबंधन पर कसी भी तरह का विवाद होने से इनकार करतें हुए उन्होंने कहा है कि सभी कार्यकर्ता पार्टी लाइन पर चल कर असम में अगली सरकार बनायेंगे .

कविन्द्र पुरुकाय्स्थ के विषय में बोलतें हुए उन्होंने कहा कि कविन्द्रदा ने अभी तक कोई इस्तीफा नहीं भेजा है, मीडिया में जो बात आई है वे उनकों नहीं मानते . उन्होंने आगे कहा है कि कविन्द्रदा एक समर्पित कार्यकर्ता है और उन्होंने यह विश्वास दिलाया है कि वे पार्टी के लिए कार्य करतें रहेंगे . उल्लेखनीय है कि बिहार के बाद भाजपा के लिए यह एक सबसे बड़ी चुनौती है कि वे असम में अच्छा प्रदर्शन करें .

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