दिल्ली में शुरू हुआ Destination North East -2016

नई दिल्ली

पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास संबंधी केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह और गृह राज्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने आज यहां Destination North East -2016 का उद्घाटन किया। इस मेले का आयोजन पूर्वोत्तर विकास मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय द्वारा किया गया है। इस सिलसिले में राष्ट्रीय स्तर पर पूर्वोत्तर क्षेत्र अपनी आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक शक्ति का प्रदर्शन कर रहा है।

destination northeast-2मेले का उद्घाटन करते हुए डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि युवा उद्यमी और स्टार्टअप के लिए पूर्वोत्तर को महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले महीनों में पूर्वोत्तर पर्व पर मुम्बई और बेंगलूरू में भी कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर तक ज्यादा पहुंच बढ़ाने के लिए कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इनमें से एक है दिल्ली से दीमापुर के बीच सीधी उड़ान सेवा शुरू करना। देश के बाकी हिस्से को पूर्वोत्तर से जोड़ने की जरूरत है जिससे ये अर्थपूर्ण सिद्ध हों। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी पूर्वोत्तर के विकास में रूचि ले रहे हैं। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मानव संसाधन का विकास सुनिश्चित करके पूर्वोत्तर के अकादमिक संस्थाओं के उन्नयन की जरूरत है।

उद्घाटन समारोह में श्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विकास करना है तो दूरी और जगह के कोई मायने नहीं हैं। विकास का इंजन जन आकांक्षाओं से तैयार होता है, जगह देख कर नहीं।

Destination north east-1समारोह में उपस्थिति मेघालय के मुख्यमंत्री डॉ. मुकुल संगमा ने इस अवसर पर कहा कि भौगोलिक रुकावटों के बावजूद पूर्वोत्तर में प्रगति आकार लेता जा रहा है। जरूरत है पूर्वोत्तर की अद्वितीय और नायाब शक्तियों के दोहन की। उन्होंने कहा कि यही वह दौर है जब ज्यादा आक्रामक तर्ज पर विकास का पहिया घूमना चाहिए। पूर्वोत्तर की अर्थव्यवस्था के विकास में बांस की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह अनोखी घास है, जो सही मायने में पूर्वोत्तर की तस्वीर बदल सकती है।

तीन दिन तक चलने वाले विशेष व्यापार शिखर बैठक के तहत पर्यटन, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, कुशलता विकास और उद्यमशीलता, आईटी, हैंडलूम और हस्तकला, आजीविका, सूक्ष्म वित्तीय और स्टार्टअप पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा। गंतव्य पूर्वोत्तर-2016 के जरिये विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों को पूर्वोत्तर भारत में अपनी कई पहलों का प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा। इस आयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिये समृद्ध संस्कृति और यहां के लोक नृत्यों की झलक भी मिलेगी।

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