असम के 10 हजार फार्मेसी मुसीबत में, हो सकते है लाइसेंस रद्द

गुवाहाटी

असम के 10 हजार फार्मेसी बंद हो सकते हैं और उन के लाइसेंस भी रद हो सकते हैं | सरकार ने राज्य के ड्रग्स नियंत्रकों और फूड सेफ्टी एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन विभाग को नोटिस भेजते हुए रेस्ट्रिक्टेड फार्मेसी लाइसेंस को रद्द करने का निर्देश दिया है|

बीते 29 जून को एसोसिएशन ऑफ रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट, असम और सरकार के बीच बैठक हुई थी जिसके बाद भारत सरकार की ओर से रेस्ट्रिक्टेड फार्मासी लाइसेंस को रद्द करने का निर्देश जारी किया गया है| एआरपीए ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए जल्द से जल्द इसके लागू होने की उम्मीद जताई है| इस निर्देश के लागू होते ही राज्य के कोने-कोने में चल रहे सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 10,000 फार्मेसियों  का रेस्ट्रिक्टेड फार्मेसी लाइसेंस रद्द हो जाएगा|

रेस्ट्रिक्टेड फार्मेसी लाइसेंस के जरिए महज विटामिन सरीखे दवाईयों की खरीद-फरोख्त के कानून को सन 1984 में ही भारत सरकार ने खारिज कर दिया था| लेकिन ड्रग्स निरीक्षकों को मैनेज कर आरपी लाइसेंस के जरिए ही असम के गांवों तथा शहरों में कई अवैध व्यवसायी अपना व्यवसाय चला रहे थे|

डी एंड सी यानी ड्रग्स एंड कंट्रोल रूल्स के मुताबिक यह आवश्यक है कि रजिस्टर्ड फार्मेसिस्ट  की निगरानी में ही दवाईयों की खुदरा बिक्री हो| मेडिकल स्टोर्स में फार्मेसिस्ट  की उपस्थिति जांचने के लिए रूटीन निरीक्षण हो| अगर मेडिकल स्टोर में ऐसा नहीं पाया जाता है तो फार्मेसिस्ट  को बर्खास्त कर लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है| जो मेडिकल स्टोर फुल टाइम रजिस्टर्ड फार्मेसिस्ट  नियुक्त नहीं करता उसे खुदरा दवाई बेचने की अनुमती नहीं है|

भारत सरकार की ओर से जारी निर्देश के बाद एसोसिएशन ऑफ रजिस्टर्ड फर्मेसिसित,असम ने उम्मीद जताई है कि इस अवैध व्यवसाय से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी और उन्हें उचित सजा दी जाएगी|

 

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