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असम: NRC के पहले ड्राफ्ट में कई सांसद, विधायक और अधिकारीयों के नाम नहीं

 

असम में  हुई  एनआरसी NRC की पहली सूची में कई सांसद, विधायक, अधिकारी और समाज सेवकों समेत सैकड़ों गणमान्य व्यक्तियों के नाम शामिल नहीं ……

गुवाहाटी

By Sanjay Kumar 

असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) NRC का पहला ड्राफ़्ट जारी होने के बाद राज्य भर में कहीं खुशी तो कहीं ग़म का माहोल देखने को मिल रहा है. असम में  हुई  एनआरसी NRC की पहली सूची में कई सांसद, विधायक, अधिकारी और समाज सेवकों समेत सैकड़ों गणमान्य व्यक्तियों के नाम शामिल नहीं किये गए हैं.

एनआरसी के इस पहले ड्राफ्ट में 3.29 करोड़ लोगों में से केवल 1.9 करोड़ नाम ही शामिल हुआ है. पहले ड्राफ्ट सब से अधिक हैरान करने वाली बातें भी जो सामने आई हैं, वह यह है की इस ड्राफ्ट में उस IAS अधिकारी का ही नाम नहीं है जिस ने इस सूची को बनवाने में दी रात एक कर दिया, जी हाँ एनआरसी  के राज्य संयोजक प्रतीक हजेला का नाम ही इस सूची में नहीं है. अलावह इस सूची में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट( AIUDF) के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद बदरुद्दीन अजमल और उनके दो बेटों के नाम भी नहीं हैं. वहीं दलगावं के विधायक इलियास अली का नाम भी सूची में शामिल नहीं किया गया है. इस के अलावा और भी कई विधायक, नेता और सैकड़ों गणमान्य व्यक्ती हैं जिन के नाम सूची में नहीं है. जिस के कारण यह सूची का संदेह के घेरे आना अलाज्मी है.  अब यह आने वाला समय बताएगा के इन छोटी छोटी लेकिन बड़ी ग़लतियों को किस तरह सुधारा जाएगा.

बता दें कि असम में रहने वाले भारतीय नागरिकों की पहचान के लिए उनका नाम इस रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है. यह कदम असम में अवैध रूप से बांग्लादेशी घुसपैठियों को निकालने के लिए किया गया है.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 31 दिसंबर को पहला ड्राफ्ट जारी किया गया. इस रजिस्टर में जिन आवेदकों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं, उनकी अभी जांच चल रही हैं.

भारत के रजिस्ट्रार जनरल शैलेश के मुताबिक, ‘यह ड्राफ्ट का पहला हिस्सा है, जिसमें अब तक 1.9 करोड़ लोगों के नाम पर मुहर लगाई गई है. बाकी बचे नामों की अलग-अलग स्तर पर जांच की जा रही हैं. जैसे ही सत्यापन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, एक और ड्राफ्ट जारी किया जाएगा.’

बता दें कि पहला ड्राफ्ट जारी होने से पहले ही सूबे में तनाव की आशंका जताई जा रही थी. जिसके मद्देनजर भारी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है या अलर्ट पर रखा गया है. गृह मंत्रालय और राज्य सरकार की तरफ से बार-बार संयम बरतने की अपील की गई है.

गृह मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के पहले मसौदे में जिन लोगों का नाम नहीं है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है. उन्हें अपना परिचय दस्तावेज साबित करने के लिए पर्याप्त मौके दिए जाएंगे.

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