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असम की मनोहारी गोल्ड टी ने बनया नया रिकार्ड, कीमत 50 हजार रुपये प्रती किलो  

असम की दूसरी चाय की तरह मनोहर गोल्‍ड टी को उबालने पर काला रंग नहीं आता बल्कि चमकीला पीला रंग निखरता है.  मनोहारी टी एस्‍टेट डिब्रूगढ़ जिले में ब्रह्मपुत्र के किनारे बसा है और ऊंचे दर्जे की चाय का उत्‍पादन करने के लिए प्रसिद्ध  है


डिब्रूगढ़

By Anil Poddar

चाय की नीलामी में असम की मनोहारी गोल्‍ड टी की कीमत 50 हजार प्रति किलो लगाई गयी है. गत वर्ष भी यह चाय सबसे अधिक कीमत पर नीलाम हुई थी. गुवाहाटी टी ऑक्शन सेंटर में मंगलवार को एक किलो मनोहारी गोल्ड टी 50,000 रुपए में बिकी. पिछले साल चाय की यह किस्म 39,000 रुपए प्रति किलो में बिकी थी.

असम की दूसरी चाय की तरह मनोहर गोल्‍ड टी को उबालने पर काला रंग नहीं आता बल्कि चमकीला पीला रंग निखरता है.  मनोहारी टी एस्‍टेट डिब्रूगढ़ जिले में ब्रह्मपुत्र के किनारे बसा है और ऊंचे दर्जे की चाय का उत्‍पादन करने के लिए प्रसिद्ध  है. इससे पहले 2018 में अरुणाचल प्रदेश के डोनी पोलो टी एस्टेट की गोल्डन नीडल वैरायटी 40,000 रुपए प्रति किलो में बिकी थी.

मनोहारी टी एस्‍टेट के मालिक राजन लोहिया ने कहा की यह खास किस्म की चाय होती है, जिसमें छोटी कलियां होती है. इन्हें बहुत ही सावधानी से तोड़ा जाता है. इस चाय की पत्तियों में सुनहरे रंग की परत होती है, जो काफी मुलायम व मखमली होती हैं.

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हर कली को सुबह 4 से 6 बजे के बीच तोड़ा जाता है. एक दिन में मात्र 50 ग्राम ही चाय बन पाता है.  राजन लोहिया कहते हैं, ‘यह 24 कैरट सोने की तरह लगती है. इस बार मौसम खराब होने की वजह से केवल पांच किलो की पैदावार हुई है.

अगर मौसम सही रहता तो फिर इस किस्म की ज्यादा पैदावार हो सकती थी. बता दें कि मनोहारी टी एस्‍टेट से प्रतिवर्ष 25 लाख किलो चाय की बिक्री होती है.

मनोहारी टी एस्‍टेट के मालिक राजन लोहिया ने कहा कि इस बार चाय की नीलामी में जितने भी पैसे आए उसे बाढ़ राहत कोष के लिए मुख्यमंत्री को देने का फैसला किया है. बता दें कि असम भयंकर बाढ़ की चपेट में है. दुनिया में दार्जिलिंग, नीलगिरी और असम में पैदा हुई चाय की सबसे ज्यादा मांग रहती है.

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