NORTHEAST

असम को विदेशी व उग्रवाद मुक्त बनाना लक्ष्य – मुख्यमंत्री

कोकराझाड़

मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि असम को विदेशी मुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त, उग्रवाद मुक्त और प्रदूषण मुक्त बनाना हमारा मुख्य लक्ष्य है| इसके अलावा सदिया से लेकर धुबड़ी तक सभी समुदायों के बीच समन्वय स्थापित कर लोगों को विकास का हिस्सेदार बनाने को लेकर हम काम कर रहे हैं| बीटीसी में जो पिछले 14 वर्षों में विकास हुआ वह प्रशंसा के लायक है|

बीटीसी सचिवालय मैदान में आयोजित 15 वें बोड़ोलैंड दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि हमारा असम विदेशी नागरिकों की समस्या से जूझ रहा है| इसके अलावा उग्रवाद, भ्रष्टाचार और प्रदूषण की समस्या के कारण विकास की गति रुकी हुई है| इन साड़ी समस्याओं से असम को मुक्त कराने के बाद असम में विकास की लहर दौड़ेगी|

बीटीसी में शांति तथा विकास लाने के लिए बीटीसी प्रधान हग्रामा मोहिलारी को विकास पुरुष बताते हुए उन्होंने कहा कि हग्रामा मोहिलारी तथा उनके साथियों के नेतृत्व में बीटीसी का विकास हुआ है| आज हग्रामा मोहिलारी सिर्फ बीटीसी के नेता नहीं हैं वे समग्र असम के नेता के रूप में उभर कर सामने आए हैं|

असम के सभी समुदायों के विकास की बात करते हुए उन्होंने कहा कि असम के 3 करोड़ 20 लाख जनता के अधिकार तथा उनकी समस्या के समाधान के लिए हम काम कर रहे हैं|

हाल ही में पेश किए गए बजट को लेकर उन्होंने कहा कि इस बार पेश किए गए बजट में सभी का ख्याल रखा गया है, ताकि हर समुदाय का विकास हो सके|

उन्होंने कहा कि इस बार केंद्र सरकार के सहयोग से हिमालयन गेम्स गुवाहाटी में आयोजित होने जा रहा है जिसमें हिमालय रेंज के 11 राज्य हिस्सा लेंगे|

बीटीसी दिवस के अवसर पर बीटीसी प्रमुख हग्रामा मोहिलारी ने आम सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बीटीसी में जितने भी जाति-जनगोष्ठी है सभी के विकास के लिए हम काम कर रहे हैं| बीटीसी में सभी समुदाय का समान रूप से अधिकार है|

2003 में हुए बीटीसी के गठन में सभी के सहयोग की बात करते हुए उन्होंने कहा कि बीटीसी के गठन के लिए बोड़ो समुदाय ने आंदोलन किया था और उस आंदोलन में सैकड़ों लोगों ने अपना बलिदान दिया| आब्सू को आड़े हाथों लेते हुए मोहिलारी ने कहा कि बीटीसी का जब समझौता हुआ उस समय आब्सू को छोड़कर सभी ने बीटीसी के समर्थन में लिखित रूप से समर्थन दिया था, लेकिन आब्सू ने नहीं दिया था| उन्होंने कहा कि आब्सू ने उस समय बीटीसी को तुच्छ समझा था और आज विकास का नया युग शुरू हो गया है तो आब्सू बीटीसी में दखल करने में लगा है|

इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि असम के शहीदों के परिवार वालों को दिए जाने वाली 5 लाख की राशि की तरह ही बोड़ोलैंड के शहीदों को भी दी जाए| बीटीसी से बाहर रहने वाले बोड़ो समुदाय के लिए अलग से स्वायत्त परिषद का गठन किया जाए|

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