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असम में बाढ़ स्थिति और बिगड़ी, कई जिले बाढ़ की चपेट में

गुवाहाटी

असम में बाढ़ के हालात और बिगड़ गए है| कुछ और जिले अब प्रलयंकारी बाढ़ की चपेट में हैं| उत्तर लखीमपुर, धेमाजी तथा ऊपरी असम में बाढ़ की स्थिति में कोई सुधार नहीं है| बाढ़ के कारण 23 जिलों की 15 लाख से अधिक आबादी प्रभावित हुई है|

इस बीच मंगलवार को राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने नगांव जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया| उनके साथ राज्य सरकार के मंत्री केशव महंत तथा आला अधिकारी भी मौजूद थे| राज्यपाल ने बाढ़ राहत शिविरों का दौरा कर वहां प्रभावितों से मुलाकात की| उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को बाढ़ प्रभावितों को पर्याप्त मदद पहुँचाने का निर्देश दिया|

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक बाढ़ से राज्य के 23 जिलों के 15.18 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं| प्रभावित जिलों में लखीमपुर, दरंग, जोरहाट, गोलाघाट, कछार, धेमाजी, विश्वनाथ, करीमगंज, शोणितपुर, माजुली, बरपेटा, नगांव, नलबाड़ी, शिवसागर, मोरीगांव, चिरांग, डिब्रूगढ़, धुबड़ी, कोकराझाड़ और दक्षिण सालमारा जिले प्रमुख हैं|

बाढ़ से राज्य का लखीमपुर जिला सबसे बुरी तरह से प्रभावित हुआ है| इस जिले में तकरीबन 3.09 लाख लोग प्रभावित हुए हैं| लखीमपुर के बाद दक्षिण सालमारा जिले में 2.8 लाख लोग प्रभावित हुए हैं| रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल राज्य की अधिकाँश नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं|

ऊपरी असम में सबसे खराब स्थिति काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और माजुली की है| काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का 80 फीसदी हिस्सा बाढ़ की चपेट में है| इसके चलते विश्व प्रसिद्द एक सींग वाले गैंडे सहित हिरण, हाथी आदि पशुओं की जान खतरे में हैं| बड़ी संख्या में पशुओं ने उच्चे स्थलों पर आश्रय ले रखा है| वही सैकड़ों जानवर हाईवे पार कर कार्बी पहाड़ की ओर जा रहे हैं|

उधर माजुली की स्थिति तेजी से बिगड़ रही है| पहले से ही तबाह विश्व के सबसे बड़े नदी द्वीप में मंगलवार को सुबनसिरी नदी के तेज बहाव में मलुवाल मालार्पिधा तटबंध का बड़ा हिस्सा पानी में बह गया| इसके चलते निचले माजुली के श्री लोहित, सिलाकला व करतीपार के तीन गाँव पंचायतों के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया| इस तरह राज्य में चारों तरफ बाढ़ से सिर्फ तबाही का ही मंजर नजर आ रहा है|

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