असम में बाढ़ से भीषण तबाही, लाखों प्रभावित

गुवाहाटी

ऊपरी असम से लेकर निचले असम तक बाढ़ ने भीषण तबाही मचा रखी है| इस साल बाढ़ में लाखों लोग प्रभावित हुए है| गुवाहाटी शहर में भी ब्रह्मपुत्र में पानी का स्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है| कामरूप मेट्रो प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक शहर के फैंसी बाजार, भूतनाथ और कुछ अन्य इलाकों में ब्रह्मपुत्र ने खतरे का निशान पार कर लिया है|

इधर कल माजुली के बनगांव में तटबंध टूटने के बाद प्रशासन ने सभी प्रभावित परिवारों को सुरक्षित निकाल लिया है| लोग तटबंध में रहने को मजबूर है और उनतक प्रशासन की तरफ से खाद्य सामग्रियां पहुंचाई जा रही है| इसके अलावा जो इलाके बाढ़ की चपेट में आ सकते है वहां माइक के जरिए लोगों को चेतावनी दी जा रही है|

देरगांव शहर में भी बाढ़ से भीषण तबाही मची है| पिछले 36 घंटों में मुसलाधार बरसात की वजह से यहाँ गेलाबील और ब्रह्मपुत्र नदी उफान पर है| देरगांव के 50 से अधिक गांव पानी में डूब चुके है, जिसके चलते इलाके के 30,000 लोग प्रभावित है| वही 40,000 हेक्टेयर कृषि भूमि नष्ट हो चुकी है|

बोंगाईगांव और चिरांग में भी बाढ़ की स्थिति बद से बदत्तर होती जा रही है| यहाँ करीब एक लाख लोग बाढ़ से प्रभावित है| राहत तथा बचाव कार्य के लिए सेना और एसडीआरएफ के जवानों को अभियान में लगाया गया है|

वहीँ गोलाघाट जिले में बाढ़ ने भीषण रूप धारण कर रखा है| काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का 85 प्रतिशत हिस्सा बाढ़ में डूबा हुआ है| बाढ़ की वजह से 100 से अधिक वन शिविरों को नुकसान पहुंचा है|

दूसरी तरफ पोबितोरा वन्य जीव अभ्यारण्य भी पूरी तरह बाढ़ में डूब चुका है| कल वन मंत्री प्रमिला रानी ब्रह्म ने अभ्यारण्य जाकर परिस्थिति का जायजा लिया|

निचले असम के बरपेटा में भी नए-नए इलाके बाढ़ की चपेट में आते जा रहे है| अब तक यहाँ तकरीबन 250 गांवों के 2 लाख लोग बाढ़ में अपना सर्वस्व गवां चुके है|

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