असम: बाढ़ के कारण एनआरसी के प्रकाशन समय पर नहीं

 

गुवाहाटी

असम में आयी बाढ़ ने आम जनता के साथ सरकारी काम काज को भी प्रभावित किया है.  बाढ़ के कारण असम में तैयार किए जा रहे नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) का प्रकाशन निर्धारित समय पर नहीं हो सका कयोंकी बाढ़ के कारण ड्राफ्ट को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है.

एनआरसी  के समन्वयक प्रतीक हजेला ने बताया  है कि एनआरसी का अंतिम ड्राफ्ट पूर्व निर्धारित तिथि (30 जून) को जारी नहीं किया जाएगा.  हजेला ने कहा, कछार , करीमगंज और हैलाकांडी जिलों में आई बाढ़ के कारण अभी ड्राफ्ट प्रकाशित करना संभव नहीं है.

हजेला के अनुसार बराक घाटी में भारी बारिश के कारण यह फैसला लिया गया है.  हजेला ने बताया कि पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर ड्राफ्ट तैयार करने के लिए और समय मंगा गया था.  सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 2 जुलाई की तारीख तय की है.  बता दें कि राज्य में कोर्ट की निगरानी में एनआरसी को अपडेट किया जा रहा है.

इस बीच, प्रकाशन से पहले राज्य भर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से सुरक्षा बल मांगें हैं। वहीं, मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि सभी ‘ असली भरतीयों’ के नाम राज्य के नागरिक रजिस्टर सूची में शामिल किए जाएंगे.

उन्होंने कहा , ‘अंतिम ड्राफ्ट में सभी वास्तविक भारतीय नागरिकों के नाम शामिल किए जाएंगे. इसको लेकर कोई आशंका नहीं होनी चाहिए।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने एनआरसी अधिकारियों को सभी सहयोग मुहैया कराया है और लोगों ने भी पूरी प्रक्रिया को पूरा सहयोग दिया है. यह उच्चतम न्यायालय के सीधे निरीक्षण में हो रहा है.

बता दें कि असम में अवैध रूप से रह रहे लोगों को निकालने के लिए सरकार ने नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) अभियान चलाया है. दुनिया के सबसे बड़े अभियानों में गिने जाने वाला यह कार्यक्रम डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट आधार पर है.  यानी कि अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहले पहचान की जाएगी फिर उन्हें वापस उनके देश भेजा जाएगा.

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