असम-बंगाल-बांग्लादेश की सीमा पर स्थित मदरसे रडार पर

गुवाहाटी

आतंकी फंडिंग की जानकारी के बाद असम-बंगाल-बांग्लादेश की सीमा पर स्थित मदरसे पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आ गए है| असम और बंगाल की बांग्लादेश से लगी सीमा के नजदीक पिछले कुछ साल के दौरान तीन हजार से अधिक मदरसे खुले है| आईएस के सहयोग से जिहादी संगठनों की ओर से ऐसे कतिपय संस्थानों में लांचिंग पैड और प्रशिक्षण कैंप बनाने की जानकारी भी सामने आई है|

हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपी गई आईबी की रिपोर्ट में सीमा क्षेत्र पर जिहादी संगठनों की बढ़ती गतिविधियों की जानकारी दी गई है| असम और बंगाल से लगी अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर काफी तेजी से बढ़ती जिहादी गतिविधियों को देश की आतंरिक सुरक्षा के लिहाज से बड़ा ख़तरा बताया गया है|

आईबी के एक शीर्ष अधिकारी के मुताबिक कुछ जिहादी संगठनों ने मदरसों में अपने बेस कैंप और प्रशिक्षण शिविर तक बना लिए है| जिहादी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश, इंडियन मुजाहिदीन, माल्टा और माल्फा को आईएस से मदद की सनसनीखेज जानकारी भी मिली है| ये सब मिलकर पूर्वोत्तरीय राज्यों के लिए एक संयुक्त आतंकी मंच बनाने की कोशिश कर रहे है|

रिपोर्ट के मुताबिक असम के डेढ़ सौ के लगभग युवा आईएस के संपर्क में है| कुछ संगठन इलाके में उसका बेस बनाने और नेटवर्क विस्तारित करने का प्रयास कर रहे है| ख़ुफ़िया सूचनाओं में चेताया गया है कि इन आतंकी संगठनों ने बांग्लादेश-म्यांमार से लगी सीमा पर लांचिंग पैड बनाने की कोशिश भी की है| इस बीच सुरक्षा एजेंसियों ने राज्य के विभिन्न स्थानों से 40 जिहादियों को पकड़ा है|

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