असम समझौते पर समयबद्ध कार्यान्वयन योजना– आसू

गुवाहाटी

आसू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से असम समझौता लागू करने के लिए एक समयबद्ध कार्यान्वयन योजना की घोषणा करने की मांग की है| 15 अगस्त को असम समझौते पर हस्ताक्षर के 31 साल पूरे हो रहे है, ऐसे में अखिल असम छात्र संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष यह मांग रखी है|

1979 से 1985 तक 6 साल विदेशियों के खिलाफ असम आंदोलन चला था| इस आंदोलन की आग में पूरा असम जल रहा था| उसी बीच असम समझौते पर हस्ताक्षर के बाद आंदोलन खत्म हो गया| लेकिन यह समझौता आज तक लागू नहीं हुआ है| आसू नेतृत्व का कहना है कि आज भी असम में घुसपैठ जैसी मुख्य समस्या जस की तस बनी हुई है|

आसू के मुख्य सलाहकार समुज्जल भट्टाचार्य ने कहा, “15 अगस्त को असम समझौते पर हस्ताक्षर के 31 साल पूरे हो रहे है, ऐसे में हम बेहद दुखी है| भारत-बंग्लादेश की खुली हुई सीमा से राज्य में जिहादियों का प्रवेश जारी है| अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाकई में असम के लिए काम करना चाहते है तो इस बार स्वतंत्रता दिवस के भाषण में असम समझौता लागू करने का विषय जरुर शामिल होना चाहिए|”

अखिल असम छात्र संघ लगातार असम समझौता लागू करने की मांग करता आया है| विधानसभा चुनाव के दौरान पीएम मोदी द्वारा असम के लिए काम करने का जो वादा किया गया अब उसी वादे की दुहाई देते हुए आसू ने मोदी से असम समझौता लागू करने के लिए एक समयबद्ध कार्यान्वयन योजना की घोषणा करने की मांग की है|

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