अजूबा- ऐसा गांव जहां महिलाएं – पुरूष रहते है निर्वस्त्र, पर्यटकों को भी रहना पड़ता है निर्वस्त्र

ब्रिटेन का स्पीलप्लाट्ज गांव जहां महिलाएं, पुरूष, बच्चे, बूढ़े, सभी निर्वस्त्र रहते हैं. यहाँ तक की पर्यटकों को भी निर्वस्त्र ही रहना पड़ता है…लेकिन क्यों जानिये यह अजूबा .


न्यूज़ डेस्क 

हम और आप फैशन की दुनिया में जीते हैं जहां हम हर दुसरे  दिन नए डिजाईन के कपडे खरीदते  हैं. मौसम के नुसार कपड़ों की ज़रुरत महसूस करते हैं. आफिस और स्कूल  के लिए यूनिफार्म, तो घर के लिए कुछ अलग कपडे . कसरत करने के लिए कुछ और तरह के कपडे . पार्टी में जान हो तो कुछ अलग कपडे पहनते हैं.

लेकिन आज हम आप को एक ऐसे गाँव की कहानी बताने जा रहे हैं जहां लोग विकसित तो हैं लेकिन कपडे नहीं पहनते हैं. है न हैरान करने वाली बात. लेकिन यह सच है.  यहाँ लोग आम ज़िन्दगी बिलकुल ऐसी ही गुजारते हैं जैसे हम और आप. बस फर्क इतना है की यहाँ पूरा का पूरा गाँव ही नंगा रहता है.

यह जगह है ब्रिटेन का स्पीलप्लाट्ज गांव.  ब्रिटेन के हर्टफोर्डशायर के ब्रिकेटवुड में दूर स्थित एक छोटा सा गांव है. यहां रहने वाले बच्चे, महिलाएं पुरूष सभी बिना कपड़ों के रहते है मतलब नंगे ही रहते है. और तो और ये सभी पूरी तरह से मॉडर्न लाइफ-स्टाइल के साथ जीवन जीते है. लेकिन इनके पीछें भी एक खास कारण है जिस वजह से ये लोग नंगे रहते है.

यहां के लोग पिछले 85 वर्षो से निर्वस्त्र ही रहते हैं. दरअसल, इस गांव के बारे में बहुत से लोगों को अब भी जानकारी नहीं है, इस गांव को 1929 में इसुल्ट रिचर्डसन ने खोजा था, तब लोगों ने फैसला किया की वो प्रकृति के नजदीक और बिल्कुल प्राकृतिक रूप से जिएंगे और तब से यहां के लोग आराम से ऐसे ही निर्वस्त्र रहते हैं.

इस गांव के लोगो की नंगे रहना इतना ज्यादा अच्छा लगता है कि ये अपने गांव को छोडकर कही नही जाते है.  हालांकि कई बार शहरों से किसी सामान की आवश्यकता रहती है तभी यहां के लोग कपडें पहनकर शहर जाते है और अपने लिए उचित सामान लेकर आते है. इसके अलावा वे कभी भी कपडों को छुते भी नही है.

प्रकृति के नजदीक और बिल्कुल प्राकृतिक रूप से जिन्दगी जीने के लिए इन लोगो ने यह तरीका अपनाया है. शुरू में कई लोगो और सामाजिक संस्थाओं ने इस गांव के लोगो का विरोध किया था. लेकिन सभी को स्वतंत्रता के साथ जीने का अधिकार है तो उसी कारण विरोध बंद हो गया और लोग निवस्त्र होकर जिंदगी जीते है.

इस गांव में कई पर्यटक आते और जाते है . यहां पर्यटको के लिए किराए पर घर भी उपलब्ध रहते है. बड़ी संख्या में पर्यटक छुटिटयां मनाने के लिए यहा आते है.  लेकिन यहां आने वाले पर्यटको को भी निर्वस्त्र ही रहना पडता है.  पर्यटकों को इस बात का ध्यान रखना होता है कि वह उस गांव के नियमों के अनुसार ही रहे.

हालांकि ऐसा नही है कि यहां सर्दियों के दिनों में भी लोगो को निर्वस्त्र ही रहना पडता है। यहां के लोगों को ठंड में कपड़े पहनने की आजादी है. ठंड लगने पर या फिर कपड़े पहनने की इच्छा होने पर यहां लोग कपड़े पहन सकते हैं। ये लोग सभी आपस में काफी घुले मिले रहते है.

अब दुनिया चाहें इन्हें कुछ भी कहें लेकिन ये लोग प्रकृति के नजदीक और बिल्कुल प्राकृतिक रूप से जिन्दगी जीने के लिए इस तरह का तरीका अपनाते है और पिछले 85 वर्षो से उसी नियम का पालन करते हुुए जी रहे है.  हालांकि हमारे देश में या घर में भी इस तरह से जिंदगी जीने वालें को पागल कहा जाता है !!

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