नागरिकता (संशोधन) विधेयक मामले में AGP ने BJP से नाता तोड़ा

नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2016 को मोदी कैबिनेट द्वारा पारित किये जाने के कुछ ही मिनटों बाद AGP ने BJP से नाता तोड़ दिया.


गुवाहाटी/ नई दिल्ली

नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2016 को मोदी कैबिनेट द्वारा पारित किये जाने के कुछ ही मिनटों बाद असोम गान परिषद  यानी AGP ने भारतीय जनता पार्टी BJP से नाता तोड़ दिया.  विधेयक में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का प्रावधान है।

इस बात की जानकारी देते हुए असम गण परिषद (एजीपी) के अध्यक्ष अतुल बोरा कहा कि उनकी अगुवाई में एजीपी के प्रतिनिधियों की केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “हमने भाजपा नेतृत्व को विधेयक के नकारात्मक प्रभाव और असम की जनता का रुख समझाने की पूरी कोशिश की लेकिन भाजपा ने विधेयक को आगे बढ़ाने का फैसला कर हमें गठबंधन तोड़ने के लिए मजबूर कर दिया.

इससे पहले लोकसभा में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) द्वारा अपनी संस्तुति पेश करने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2016 पर मुहर लगा दी थी.

विधेयक पर मंगलवार को चर्चा हो सकती है.  एजीपी के गठबंधन तोड़ने से हालांकि असम में गठबंधन वाली भाजपा सरकार को कोई खतरा नहीं है.

126 सदस्यों वाली असम विधानसभा में भाजपा के 61 सदस्य हैं और उसे एक निर्दलीय विधायक का समर्थन प्राप्त है जबकि इसके सहयोगी बीपीएफ के 13 सदस्य हैं. एजीपी के 14 विधायक हैं.  कांग्रेस के 24 तथा एआईयूडीएफ के 13 सदस्य हैं.

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