ABOUT US

भारतीय उप महाद्वीप को सही से जानने के लिए हिंदी का ज्ञान बेहद जरूरी है! दुनिया के कुछ देशों में भारत के बारे में काल्पनिक गलतफहमियों का एक बड़ा कारण हिंदी का न जानना भी रहा है! जैसे जैसे दुनिया हिन्दी के नज़दीक आती जा रही है वैसे वैसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दुनिया भर में भारत को जानने की जागरूकता बढ़ती जा रही है! भारत और अमरीका के बीच बहुप्रतीक्षित परमाणु करार की वजह से भी भारत को जानने की इच्छा विश्व के नागरिकों में बढ़ी है! भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना ने भी लोगों को हिंदी सीखने के लिए बाध्य किया है! भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्र में हिंदी में भाषण देकर ऐतिहासिक काम करके इस भाषा की सफलता के बीज बोए थे! यही वजह है कि विश्व के कई नेता और राजनायिक जब भारत आते हैं, तो पूरा भाषण न सही लेकिन कुछ वाक्य हिंदी के बोलकर हिंदी की गरिमा में चार चांद लगाते हैं!

अफ़सोस की बात यह है कि अपने ही देश भारत में अब तक हिंदी को वह स्थान नहीं प्राप्त हुआ है, जिसकी आजादी के बाद अपेक्षा की जा रही थी! हिंदी और हिंदी भाषियों को देश के पूर्वोत्तर राज्यों में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़नी पड़ती है. इन राज्यों में कई टीवी चैनल तो  हैं लेकिन किसी में भी हिंदी भाषा में समाचार नहीं दिखाया जाता! कुछ टीवी चैनल अपने कार्यक्रमों में कम से कम हिंदी समाचार बुलेटिन को स्थान दिया करते थे लेकिन धीरे धीरे एक एक कर वोह अपने चैनलों से हिंदी समाचार बुलेटिन को बेदखल कर दिए! राष्ट्रीय हिन्दी चैनल भी  अपने समाचार बुलेटिन में पूर्वोत्तर राज्यों की  ख़बरों को स्थान देना ज़रूरी नहीं समझते! हालांकि गुवाहाटी से एक-दो हिंदी समाचार पत्र ज़रूर प्रकाशित होते हैं लेकिन देश के पूर्वोत्तर राज्यों और यहाँ रहने वाले हिंदी भाषियों से जुड़े  समाचारों को देश के कोने कोने तक पहुँचाने के लिए वोह नाकाफी हैं.  जब सभी राष्ट्रीय चैनल टीआरपी के दौड़ में शामिल हो गए तो पूर्वोत्तर समेत देश भर के सभी गैर हिंदी भाषी राज्यों की ख़बरें राष्ट्रीय हिंदी चैनलों पर कम दिखने लगी!

अब एक बार फिर समय ने करवट लेना शुरू किया! अब वेबसाइट और मोबाइल ऐप का ज़माना आ गया है! एक ही तस्वीर को बार बार अपने टीवी स्क्रीन पर अब लोग नहीं देखना चाहते हैं!   ख़बरें टीवी स्क्रीन से निकल कर मोबाइल के स्क्रीन पर आने लगीं हैं! लोग कम से कम शब्दों में ख़बरें जानना चाहते हैं, और मतलब की तस्वीरें देखना चाहते हैं!

ख़बरें पढ़ने और देखने के इस बदलते समय को देखते हुए ENLIGHTEN MEDIA ने पूर्वोत्तर की हर खबर को देश के साथ साथ दुनिया भर में पहुंचाने का बीड़ा उठाया है. और अपने इस मकसद को मंजिल तक पहुंचाने के लिए www.nesamachar.in आरम्भ किया. मोबाईल ऐप से लैस www.nesamachar.in पूर्वोत्तर भारत का पहला हिंदी न्यूज़ पोर्टल है. यह केवल एक न्यूज़ पोर्टल ही नहीं बल्कि पूर्वोत्तर में रहने वाले हर व्यक्ति की बुलंद आवाज़ है.