7वें वेतन आयोग अगले साल 1अप्रेल से होगा लागू- हिमंत विश्व शर्मा

गुवाहाटी

7वें वेतन आयोग अगले साल 1अप्रेल से होगा लागू , यह महत्वपूर्ण घोषणा खुद वित्त मंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने किया I. पत्रकारों को इस की जानकारी देते हुए हिमंत ने बताया कि राज्य सरकार ने 7वें वेतन आयोग के सुझावों की विधिवत घोषणा कर दी है| इसके मुताबिक सरकारी कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन प्रतिमाह 15900 रूपए होगा| कर्मचारियों के नए वेतनमान को अगले साल के 1 अप्रैल से लागू किया जाएगा|

himanta-biswa-sharmaपत्रकारों को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि उनका विभाग इन सुझावों पर विचार-विमर्श के लिए एक कमिटी का गठन करेगा| हिमंत विश्व शर्मा ने 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों की घोषणा करते हुए कहा, “अब से चौथे वर्ग के एक कर्मचारी को न्यूनतम 15900 रूपए प्रतिमाह वेतन मिलेगा| यह राशि सन 2008 के असम वेतन आयोग के सुझावों से 2.62 फीसदी अधिक है| सन 2008 के वेतन आयोग के सुझावों के अनुसार सरकारी कर्मचारी का न्यूनतम वेतन प्रति माह 6000 रूपए था|”

उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों का अधिकतम वेतन 1,30,000 रुपया प्रतिमाह तय किया गया है| 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत न्यूनतम और अधिकतम वेतन में फर्क को पूर्व के 9.08 फीसदी से घटाकर 8.18 कर दिया गया है| वित्त मंत्री ने बताया कि 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार राज्य सरकार के तहत कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों के मुकाबले अधिक वेतन मिलेंगे|
वित्त मंत्री ने बताया कि आयोग ने अपने सुझावों से कर्मचारियों को मिलनेवाले लाभ को चालु वर्ष के 1 जनवरी से ही जोड़ने का तथा अगले साल के 1 अप्रैल से लागू करने का निर्णय लिया है| हिमंत ने सिफारिशों का हवाला देते हुए बताया कि पूर्व के 6 महीने के बजाए अब से हर साल के 1 जुलाई से वेतनमान में 3 फीसदी वृद्धि की व्यवस्था होगी| कर्मचारियों के 131 फीसदी बेसिक-पे को महंगाई भत्ता से जोड़ने की नयी व्यवस्था को लागू करने का भी आयोग ने सुझाव दिया है| प्रस्तावित वेतन ढाँचे में 5 पे-बैंड, एक फिक्स्ड पे और 24 ग्रेड-पे की व्यवस्था रखी गई है| इससे पहले कर्मचारियों को 30 ग्रेड-पे मिलते थे|

हिमंत ने बताया कि गुवाहाटी में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों के लिए सिटी कंपेनसेटरी भत्ता और विशेष शाखा में कार्यरत कर्मचारियों के लिए विशेष भत्ते की सिफारिश की है| इसके अलावा पेंशनधारियों की उम्र 80 साल होने पर उनके पेंशन की राशि में से 20 फीसदी अधिक की राशि देने का भी आयोग ने अपनी सिफारिश में प्रावधान रखा है| साथ ही पेंशनधारी की मौत होने पर उनकी पत्नी को सात साल तक पेंशन की पूरी राशि दी जाएगी अथवा पेंशनधारक की उम्र 67 साल होने तक पेंशन की राशि देने की प्रक्रिया जारी रहेगी| इसके अलावा किसी कर्मचारी की अवकाश पाने से पूर्व ही मौत होती है तो पेंशन की पूरी राशि दस साल तक जारी रहेगी तथा मृतक की उम्र 67 साल होने तक की सीलिंग तक पेंशन की राशि मिलती रहेगी तथा उसके बाद इसे रोक दिया जाएगा| अवकाशप्राप्त कर्मचारी के विकलांग बच्चों के लिए परिवार पेंशन की प्रक्रिया में भी सरलता लाई जाएगी|

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