9 जनवरी को 24 घंटे का राष्ट्रीय राजमार्ग अवरोध

उदालगुड़ी

आब्सू, एनडीएफबी(पी) और पीपल्स जॉइंट एक्शन कमिटी फॉर बोड़ोलैंड मूवमेंट ने 9 जनवरी को 24 घंटे के राष्ट्रीय राजमार्ग के अवरोध की घोषणा की है| बोड़ोलैंड राज्य की मांग को सुलझाने और प्रस्तावित बोड़ोलैंड के बाहर रह रहे बोड़ो लोगों के राजनीतिक अधिकारों की मांग में यह  प्रदर्शन किया जा रहा है|

बोड़ो संगठनों का कहना ही कि उन्होंने दिसंबर महीने में देश की राष्ट्रीय राजधानी में 3 बार अलग बोड़ोलैंड राज्य की मांग में प्रदर्शन किया| लेकिन सरकार ने आज तक समस्या को सुलझाने का प्रयास तक नहीं किया| इसी वजह से बोड़ो संगठनों ने 9 जनवरी को सुबह 5 बजे से कोकराझाड़, बाग्सा, उदालगुड़ी, सोनितपुर, धेमाजी, मोरीगांव और ग्वालपाड़ा में 24 घंटे के राजमार्ग घेराव का ऐलान किया है| हालांकि सड़क अवरोध के दौरान आवश्यक सेवाओं जैसे सुरक्षा, प्रेस, मिल्क वैन, मेडिकल, शादी की पार्टी शैक्षिक भ्रमण को छूट दी जाएगी|

बोड़ो संगठनों ने अपनी मांगे पूरी नहीं होने तक अड़े रहने का निर्णय लिया है| उन्होंने सरकार से अपील की है कि बोड़ोलैंड की मांग में आंदोलन के इतने वर्षों 5 हजार से अधिक लोगों की जान गई इसलिए अब सरकार को इस मुद्दे को सुलझाने के लिए कदम उठाने चाहिए|

बोड़ो संगठनों ने फ़रवरी महीने में 24 घंटे रेलवे मार्ग अवरोध और भूख हड़ताल, मार्च महीने में 36 घंटे के रेलवे अवरोध, अप्रैल में जेल भरो आंदोलन और मई में सरकार के साथ असहयोग आंदोलन की भी घोषणा की है| इस तरह ये संगठन लगातार आंदोलन करते जाएंगे|

बीजेपी नीत एनडीए की सरकार पर बोड़ो जनता को ठगने का आरोप लगाते हुए बोड़ो संगठनों ने कहा है कि मौखिक और लिखित वादा करने के बावजूद बीजेपी ने सत्ता में आने के ढाई साल बाद भी बोड़ो समस्या से मुंह फेर रखा है| हकीकत तो यह है कि सरकार बोड़ो समस्या को सुलझाना ही नहीं चाहती|

ऐसी नाराजगी के बीच बोड़ो संगठन एकजुट होकर लंबे समय से आंदोलन चला रहे है और आगे भी चलाते जाने का प्रण लिया है|

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