11 जिलों में असमिया बने अल्पसंख्यक – हिमंत

गुवाहाटी

राज्य के 11 जिलों में असमिया अल्पसंख्यक बन गए है| यह बात वित्त एवं शिक्षा मंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने कही है| शर्मा ने राज्य में हिदुओं की संख्या बढ़ाने की जरुरत पर बल दिया है| उन्होंने कहा कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो असमिया जाति का अस्तित्व कैसे बचेगा|

मंत्री ने पत्रकारों से कहा कि असम में असमिया लोगों की संख्या लगातार घटती जा रही है| हिंदू विदेशियों को नागरिकता देने का समर्थन करते हुए मंत्री ने दरंग,मोरीगांव आदि गांवों की मिसाल दी| उन्होंने कहा कि बरपेटा में असमियाओं की संख्या तेजी से घट गई है| यही हाल दारण, मोरीगांव समेत कई जिलों का है| इन जिलों में असमियाओं की ही नहीं बंगाली हिदुओं की संख्या भी कम हो गई है| हिंदू विदेशियों को नागरिकता देने की केंद्र तथा राज्य सरकार की पहल के समर्थन में हिमंत ने तर्क दिया कि अब वह समय आ गया है जब असमिया जाति को यह तय करना होगा कि उसे किसे साथ लेकर अपना अस्तित्व बचाना है|

पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ल कुमार महंत को आड़े हाथ लेते हुए उन्होंने कहा, “महंत के फोर्मुले से असमिया जाति का अस्तित्व कभी सुरक्षित नहीं हो सकता| उन्होंने कहा कि असमिया जाति को बहुसंख्यक बनना ही होगा तभी असमिया का अस्तित्व बच सकता है|

मंत्री शर्मा ने वरिष्ठ बुद्धिजीवी हिरेन गोहाईं को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वे जाति की रक्षा की बात कैसे कर सकते है जबकि उन्होंने असम आंदोलन का विरोध किया था| अब जब असमिया जाति अल्पसंख्यक होती जा रही है ऐसे में सन 1961, 1971 आदि की बातें उछालकर देश तथा राज्य के अस्तित्व को बचाने की सकारात्मक पहल पर खलल डालने की कोशिश कर रहे है|

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: